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एक आरजू ख़ुदा से... - Poetry | Himanshu Dhiraj Mishra (himstar)

एक आरजू ख़ुदा से... - Poetry | Himanshu Dhiraj Mishra (himstar) | Touchtalent
Title : एक आरजू ख़ुदा से...
Artist Name: Himanshu Dhiraj Mishra (himstar)
Category : Poetry
Creation date : 31 March, 2013
Page Views : 2664
Comments : 36
Broadcasts : 9
Favourites : 3
Rating : 5
Description : ------ मुझे यूं ही बेवकूफ बने रहने दो----- खुद ही ख्वाब सजाना उसमे झूमना , हंसना और गानाफिर तोड़कर उन्हें खुद ही उदास हो जानारास्ते चलते हुए आंसमा को देख ठहर जानापंछियों को उड़ते देख दिल में एक उम्मीद जगानाहाथों को फैलाकर आंसमा को नापना बस मुझे ऐसा ही बेवकूफ बने रहने दो.... टूटे हुए पलकों को हाथो में ले एक दुआ में उसे अपनी बात सुनानाख्वाब पूरे हों या न हों एक उम्मीद से उसे फूंक से उड़ानाचाहने लगें हैं किसी को खुद से ज्यादाना ही उसको एहसास है ना ही गलत हमारा इरादाडर जाता हूँ उसके सामने दिल की बात कहने से भीबस मुझे ऐसा बेवकूफ बने रहने दो...छोटी- छोटी बातों से लोगों को चिढ़ानाउनको परेशान करके मन ही मन में मुस्कुरानादोस्तों की खातिर सारे जहाँ से लड़ जानामगर कभी किसी का दिल ना दुखानामंदिर में बैठे हुए आपका हमेशा चुप रह जानाहमारा भी नही होता कभी आपके आगे सर झुकानाकर सको तो बस इतना एहसान कर दोबस मुझे ऐसा ही बेवकूफ बने रहने दो.... ---------By an Idiot.....Himanshu--------